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YOU SAY ME I LOVE YOU


મને કહી દે, તું મને કહી દે
આ દિલને ધડકાવી દે
એવો શબ્દ તું મને કહી દે
આ આંખોને દિવસે પણ
સપનાઓ દેખાડી દે
તેવો શબ્દ મને કહી દે તું
જો તું મને કેસે તો
તારું-મારું હૈયું એક થઇ જશે
તું મને કહી દે, તું મને કહી દે
આ આઈ લવ યુ શબ્દ કહી દે
મારા કાન તરસ્યાં છે
આ ત્રણ મીઠા શબ્દ સાંભળવા
અને આ શબ્દ સાંભળવા
ઉઠ્યા સળવળી આ મારા કાન
આઈ લવ યુ સાંભળવા
મારું ચિત ચક્કરે રે ચડ્યું
કહી દે આઈ લવ યુ ઓ સનમ
તું કહી દેને આઈ લવ યુ
ઓ મારી આંખોના કાજળ

Success

આગળ ને આગળ તું વધતો જા
આ ઊંચાં ને ઊંચાં પગથીયા ચડતો જા

બે ચાર ઊંચાં પગથીયાની પેલે પાર
તને મળશે સફળતાની હારમાળ

લપસણી ટાઈલ્સ પર લપસી પણ જવાય
તોય જીવનમાં હાર ન મનાય

જીવન છે તો જીવ પણ જોખમાય
        એક પછી એક સફળતાની ચાવી મળતી જાય

Tree


जहा हो पेड़ो की दुनिया
वहा हे बहोत सारी खुशिया
उनकी खूबियों और सुंगध से
हमारी जिंदगी में आती हे खुशिया
हर पल हर सास,
हमको चाहिए उनका साथ
हर पल हर सास,
हमको देता ताजगी भरी सास
उनको तोड़ो मत क्युकि
उनके साथ ही हमारा दिल जुडा हे
उनको तोड़ो मत, उनको मोड़ो मत
उनके बिना हमारी जिंदगी विनाश और मुड जायेगी
उनको तोड़ो मत, उनको काटो मत
उनके बिना हमारी जिंदगी टूट जायेगी
वो हमारे लिये, हम उनके लिये हे
हम उनके बिना और न वो हमारे बिना जी पायेगे
हमको उनको खिलाते हे और वो हमे खिलाते हे
उनको बचायेगे तो वो हमे बचायेगे



પરબ


તું બધાને આ ઉનાળાની ગરમીમાં ઠંડક આપે
આ તાપડાના મંડપમાં ઠંડી ઠંડી છાયા આપે

બપોરના બળબળતા તડકામાં તું
દરેક જીવને હાશકારો આપે

માણસોને માટલામાં, પશુઓને અવાડામાં, પંખીઓને કુંડામાં
આપે રે તું તેમના હૈયાને ઠંડક આપે આ બળબળતા તડકામાં

માટીના માટલા હૈયાને ઠંડક આપે આ તાપમાં
તોય તેના ભાવ નથી આજના યુગમાં

આધુનિકતા સાથે આ પરબની
પણ આવી ગઈ છે આધુનિક મિનરલ પાણીની પરબ 



રણ જેવા ડામરના સુક્કા આ રોડ પર
છે બાવળા, લીમડા, પીપળા, વડલા નીચે ઠંડી આ પરબ

Robbery of hearts

લૂંટ રે લૂંટ રે
આ છોરીઓના દિલ તૂ
આ ઉતરાયણમાં લૂંટ 
ધોળી ધોળી આ છોરીઓના
થાબા ઉપર તૂ દીલ લૂંટ 
લૂંટ રે લૂંટ રે
થાબા પર ધોળી પતંગ ઉડાડતી
આ છોરીઓના દીલ લૂંટ
મેલી દે દોરીની ઠીલ
ને કરી લે ખેંચમતાણ તેના દીલની
ઉતરાયણમાં પતંગોના પેચમાં
આ છોરીઓના દીલ, કરી લે કેચ
આ ઉતરાયણના વાયરામાં
ઉત્તરમાં ઉડાવ તૂ પતંગને
ને દક્ષિણમાં લૂટીલે આ છોરીઓના દીલ
આ ઉતરાયણમાં છૂટ છે
લૂટવાની આ છોરીઓના દીલ 


Lamp

આ હૈયાના સળવળાટ માં
હુ સળગી ઉઠયો છુ
દીવાની વાટમાં
ને કરી દીધો
પ્રકાશિત આ ખંડને
પણ અંતે હુ  છુપાઈ ગયો
કુદરતની  રીતમાં

Heart



तारे हे आसमान पे
ये प्यार करनेवाला  दिल हे
हर इंसान के पास रे
फिर भी वो  ढूंढता
हरपल  हर  इन्सान  में 

KABDDI

क क क खेल कबडी
हो जाती हे दुश्मनो की रबड़ी
खिलाडी के हॉट हॉट बॉडी पे
हो जाती हे पसीने की जलेबी
आया रे असली त्यौहार इन्डिया का
स्टार स्पोर्ट्स पे प्रो कबडी का
ये खेल नहीं पर इन्डिया
की जान शान और मान हे
आया रे ये गांव की मिटी का खेल
नए अंदाज और नए जनून के साथ 
ओनली ऑन स्टार स्पोर्ट्स पे
लगाने देशवासियों के दिल में
कबडी खेलने की आग
लपट, जपट, पलट ये तिन
कबडी के बड़े दाव  
  

NOT KNOW

ना जानू में तुजे
पहेले ना देखा हे कभी तुजे
इस  प्यार की गली में
फिर भी में चाहने लगा हु तुजे
कैसे बतायु ये मेरी फिलिंग तुजे 
हररोज में निकलता हु तेरे नजदीक से
फिर भी में नहि कह शकता तुजे 
वजह तो इतनी बड़ी हे की
नजर नहीं उठा शकता सामने 
खवाईशे तो बड़ी बड़ी हे
पर इतनी भीड़ लगी हे की 
में पास ननहीं आ शकता 

CHAKO - MAKO




ચકા મકાનો થયો ડખો
ડખામાં વચ્ચે આવ્યો મખો
મખો કે હું છુ ચકાનો સખો
ન પડવા દુ મારા મિત્રને વખો
મકો કે ચકાને તને નથી આવડતો કકો
ચકો ક મકાને તારા પર પગ પડે
તો તારો થઇ જાય ભૂકો
અને પછી થઇ ગયો
બને વચ્ચે મુકો-મુકો
મુકામાં ને મુકામાં વાગી ગયો
આખા જંગલમાં ડખાનો ડંકો
પછી આવી જંગલની નાત
નાતે પૂછ્યું કે શું છે વાત
ચકો મકો કે અમારી વચ્ચે
થયો છે ડખો
નાત કહે શેનાથી થયો આ ડખો
મખો કહે વાત વાતમાં થયો છે આ ડખો
નાત કહે તો, તે વાતને છોડો
અને આ ઝગડાને જાતો કરો
અંતે ચકો મકો થયા એક

અને જંગલમાં વહેચાઈ ખુશીયો અનેક

IN MEMORY




                      માણસોની આ ભીડમાં હું થોડુંક હસી લુ છુ
                     પણ એકાંત મળતા હું રડી લુ છુ
                     પેલા તેમની સાથે ગાળેલા દિવસોની યાદમાં
                     વળગણ તમારું એવું વળગ્યું કે
                     તમારી સાથે પસાર કરેલા
                     પેલા દિવસો ભૂલી નથી શકતો  
                     ભૂલવાની ઘણી કોશિશ કરી
                     પણ તમારી સાથેને તે ભૂતકાળ ચુકી શક્યો નથી
                     ઓ માર કાકાજી,
                     તમે તો અમને મુકીને એકલા જતા રહ્યા

                     પણ તમારા વગર અમે એકલા જીવી શકતા નથી  
                                 

GAZAL



ICE DRINK


गर्मियों का मोसम था
निम्बू के सरबत में ठंडा आईस क्यूब था
सरबत पीते ही दांतों में दर्द होने लगा.
क्या बता इससे पहेले
हमारा कभी मिलन नहीं  हुआ था.

SUMMER

सूरज की गर्मिया में गलिया हे सुमसाम
फिर भी सूरज नहीं होता हे महेरबान
माग होती हे पानी की इस ग्रीष्मकाल में
फिर भी लोग नाते हे पसीने से गर्मियों में
सुबह साम होती हे ठंडक इस दिल को
पर वो तडपता हे दोहपर को इस गर्मियों में
तोबा तोबा करते हे लोग इस समर्स की गर्मिया में
पेड़ के छाये के बिना कही नहि मिलती ठंडक इस गर्मियों में
वैसाख कि हवा नहीं लगती पर
पर लगती हे जिव-जन्तुयो को लू इस दोपहर की गर्मियों में 
लोग इस गर्मियों से बचने के लिये
करते हे पंखा, ऐसी, कूलर, बिगेरे चालू
फिर भी नहीं मिलती इस गर्मियों में ठंडी विंटर जेसी
मकरसंक्राति को हम नहीं धंकते ऊपर देखने को इस सूरज के प्रकाश में
पर आखे बंद हो जाती हे इस ग्रीष्मकाल के प्रकाश में
जिससे हम रहेते दूर बरसात की सीजन में
उसके बिन नहीं रह शकते इस ग्रीष्मकाल में
कोई कहेता हे सर्दियों में गर्मी होती तो अच्छा होता
गर्मियों में वो कहेता हे की सर्दियों होती  तो अच्छा होता
जितना रंग  होली में नहीं लगता इस चहेरे पर
उतना पसीना लगता जाता हे इस गर्मियों में
दिल से भी ज्यादा कठोर इस डामर के रोड पे
प्यासे को भी पानी दिख जाता हे इस काले रोड पे इस गर्मियों में
दुनिया के सुंदर सुंदर चहेरे भी
ढक जाते इस ग्रीष्मकाल की गर्मियों में
जूते और छाये के बिना
हम नही चल शकते इस गर्मियों में
गरम हो जाती हे टाल और जल जाते हे पेर
इस ग्रीष्मकाल की गर्मियो मे
दोपहर को भोपू भोपू आती हे लारिमा
बच्चे खाते हे बरफ के मीठे मीठे गोले इस गर्मियों में
चार रस्ते चार रस्ते पर लगती हे
परबे ठंडे ठंडे पानी की इस गर्मियों में
साइकल नहीं पर बड़ी बड़ी गाडियों में से लोग उतर के
पीते हे ठंडा ठंडा पानी परब पे इस गर्मियों में
गाव के कच्चे रस्ते पे बबुल के पेड़ के निचे बेठ कर
इंतजार करते हे लोग बस की इस गर्मियों में
बस स्टेशन में लगती हे बस की आजू-बाजू
चीखे ठंडे ठंडे पाउच और बोतले की इस गर्मियों में
गरमी के ग्रीष्मकाल में गरम हो जाते ठंडे पानी के तालाब
तभी भी भेसे नहाती हे इस गर्म तालाब में 
हिमालय के हिम भी
पिगल जाते हे इस ग्रीष्मकाल की गर्मियों में
ये ग्रीष्मकाल हे दोहपर के समय बड़ा कातिल
पर दोहपर को सभी भागते दूर इस गर्मियों से
कच्चे कच्चे ये केसर आम
ग्रीष्मकाल को पुरे होने से पहेले पक जाते हे इस गर्मियों में
लगते हे रोड रोड पे टेन्ट तरबूज के इस गर्मियों में
तंबू में तरबूज खाने की मजा आती हे इस गर्मियों में
दिन को भगाता हे
और रात को ठंडक देती हे रेगिस्तान की रेत
कच्चे भी पक जाते हे
सूरज के ग्रीष्मकाल की गर्मियों में  
पक्षी-प्राणी भी ढूढ़ते हे छाया 
ग्रीष्मकाल की इस गर्मियों में 
चलते चलते पसीनो से रेबजेब 
हो जाते हे इस गर्मियों में 
पक्षी नहीं पर उनके खोसले
हो जाते हे गरम इन गर्मियों में 
छोटे बच्चे नही खेल सकते नहीं घूम सकते 
इन ग्रीष्मकाल की गर्मियों में 
सुबह शाम होता हे सोनेरी 
दोपहर होते ही हो जाता हे लाल ये सूरज इस ग्रीष्मकाल में 
दोपहर को दिखाता हे बड़ा ऊँचा परा 
तभी भी नहीं थकता हे ये सूरज इन गर्मियों में 
बड़े बड़े महासागर के पानी भी
उड़ जाते हे भाप बनकर इन गर्मियों में


ME AND YOU

નયનને રમાડીને તું ચાલ્યો ગયો
હવે આ હેયાને કોણ ઠારશે
તન તો તારું થઇ ગયું
પણ આ મનને તારું ક્યારે બનાવશે
જે થવાનું હશે તે થઇ જશે
પણ તેનાથી બે દિલ જરૂર મળી જશે
ધન તો તે ઘણું કમાઈ લીધું
પણ હવે થોડોક પ્રેમ પણ કમાઈ લે

SHORT POEM


WAY 



तू भी चली, में भी चला
दिल देके एकदूजे के साथ
हसते हसते इस प्यार के रास्ते पर 
चलते चलते हम चल गये 
दोनों पूरी जिन्दगी के साथ
दिल के साथ, हाथो के साथ
हम चले इस प्यार के फुटपाथ पे 
प्रेम की राहे, एकदूजे की बाहों में 
हम चले एकदूजे की चाहत पे 
आ गया मंदिर प्यार का इस रस्ते पर 
तो हम बेठ गये पूजा करने प्यार के भगवान की 

FOR YOU 

तेरी बातो  से में चल पड़ा
इस अँधेरी रातो मे
रास्ते तेरे दिल के
हाथो मे हाथ थाम के
में चल पड़ा इस प्यार की राह पे
इन अँधेरी रातो में जो गिर पड़ा
तेरी आशिकी में ओ सनम
ना में भूल पाया तेरी वो पयारी सी आहट रे
ना में दूर जा पाया
तेरे मेरे इस प्यार से  

COLOUR

हरे हरे खेतो में हरी हरी बाजरी
क्षत्रीय खेलते हे तलवारबाजी
उतारते हे माँ जगदबा की आरती
रंगोली के हे रंग अनेक
इस भारत देश में
सभी नात जात भूल के खेलते हे संग
ये हे मेरा भारत देश अनोखा
भीर भी हे एकता का रंग बहोत घेरा
  

KNOW

किसी को किसी तरह मिल जाता हे
आँखों के सामने से भी चला  जाता हे
जो उसको पहचानता हे ,
उसको मिल जाता हे दुनिया का सबकुछ
जो नहीं पहचानता, वो आगे नहीं बढ़ पाता हे

QUIET NIGHT 

सपनों के सजाके खड़ी हे ये रात
पर उसमे नहीं होती हे कोई बात
बस होता हे मोज मस्ती का मधुर सपनो के साथ गान
नहीं होता हे कोई ऊँची आवाज
बस होती हे दो दिलो की बात 
   

AUCTION

हम गये थे इशक की नीलामी में
हम हो गये उनके उनकी बोली से
पसंद करा हमको आँखो से देखकर रे
चुना हमको  हमारी खूबसूरती देखकर रे 
दिल ले गये हमारा ऊँची बोली से
हजारो की भीड़ थी
फिर भी उनकी नजर सिर्फ हमारे पर थी
बोली लगी थी बड़ी ऊँची सी
पर उनकी चाहतने तोड़ डाली सारी ऊंचाई रे
हम खुसियो से जूम उढे
उनकी मीठी बोली से 

WAITING

हर रोज में जलाता हु
दिया इन रातो के अंधेरो में तेरे लिये
 पर तू  आती नहीं
क्या बता तुम मेरी ही आसपास हो


RAIN


बरसात का मोसम हे 
खुले फूलो की सुंगध हे 
सुंगध को ले जाती हे कोमल सी हवा 
हवा की बाजू में बढ़ी हे 
छोटी छोटी सी बादलिया
कडाका करती हे ये बादलिया


TEAR


चहेरा जो तूने ऐसा बनाया हे
दुःख हो या सुख  हो
भीर भी आशू गिरते हे
पहेले गाल पर ही
बाद में कही और

LIGHT

आते भी अँधेरा
जाते भी अँधेरा
जितने दिन जियोगे
उतने दिन रहेगा हे उजाला


THE BUS STATE


आई आई बस इस बस स्टेशन में 
लगी लगी मुसाफरो की लाइन इस बस मे  
कोई गिरता हे तो कोई चड़ता हे बस की धकामुकी में 
कोई आता हे कोई जाता हे इस बस में 
आगे ही आगे बढती जाती हे बस 
और ट्राफिक में मारती हे हॉर्न 
देती हे सुरक्षा की सवारी
मुसाफर को कोई नहीं रहेती हे चिंता की बीमारी 
माप की चलती हे पर
चलाती हे पूरी दुनिया 
ये बस हे सरकारी 
पर उशको लगी प्रीत मुसाफिर की 
कराती हे दर्शन दुनिया का 
फिर भी नहीं करती हे अपनी मनमानी
ये बस हे सरकारी 
फिर भी हे मुसाफर की प्यारी